भारत सरकार ने 2030 से ग्रीन स्टील के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए नए नियम बनाने की योजना बनाई है। इसका मतलब है कि भविष्य में स्टील बनाने वाली कंपनियों को पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपनाने होंगे, जिससे प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा की बचत होगी।
सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले स्टील का 20% हिस्सा ग्रीन स्टील हो। यह कदम भारत को 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।
मुख्य जानकारी :
- पर्यावरण संरक्षण: यह फैसला पर्यावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि स्टील उद्योग प्रदूषण फैलाने वाले बड़े उद्योगों में से एक है।
- नई तकनीक को बढ़ावा: ग्रीन स्टील के उत्पादन के लिए नई तकनीकों और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना होगा, जिससे इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
- भारतीय स्टील उद्योग को मजबूती: ग्रीन स्टील के उत्पादन से भारतीय स्टील उद्योग को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।
निवेश का प्रभाव :
- स्टील कंपनियों में निवेश: जो कंपनियां ग्रीन स्टील उत्पादन में आगे बढ़ेंगी, उनके शेयरों में तेजी आ सकती है।
- नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र: ग्रीन स्टील के लिए नवीकरणीय ऊर्जा की मांग बढ़ेगी, जिससे इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को फायदा होगा।
- ESG निवेश: पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) मानकों पर ध्यान देने वाले निवेशकों के लिए यह एक अच्छा मौका है।
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